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भाजपा के भ्रष्टाचार पर तथ्यों के साथ श्वेत पत्र लाएगी सरकार: सीएम सुक्‍खू

भ्रष्टाचार पर तथ्यों के साथ श्वेत पत्र लाएगी सरकार
सीएम सुक्खू बोले- भाजपा की चार्जशीट कमेटी पर भी उठ रहे सवाल
आपदा राहत के 1500 करोड़ के लिए केंद्र को फिर लिखेंगे पत्र


शिमला। हिमाचल प्रदेश की सियासत में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एक बार फिर सियासी घमासान तेज होने के संकेत हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार भाजपा सरकार के कार्यकाल से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों और मामलों पर तथ्यों के साथ श्वेत पत्र लाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आरोप लगाने के बजाय दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर पूरा मामला जनता के सामने रखेगी।

शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा की ओर से बनाई गई चार्जशीट कमेटी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कमेटी में ऐसे लोग शामिल हैं, जिन पर भाजपा ने खुद पूर्व में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के आसार हैं।

भाजपा की चार्जशीट कमेटी पर सीएम ने उठाए सवाल

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा लगातार प्रदेश सरकार पर अलग-अलग मुद्दों को लेकर आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि यदि भ्रष्टाचार की बात होती है तो सरकार भी तथ्यों के आधार पर पूरी तस्वीर जनता के सामने रखेगी

सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा की चार्जशीट कमेटी में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जिनके खिलाफ इसी पार्टी की ओर से पहले आरोप लगाए गए थे। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि सरकार आने वाले समय में दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर अपना पक्ष सामने रखेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में क्या हुआ और किन मामलों में क्या निर्णय लिए गए। इसी उद्देश्य से सरकार श्वेत पत्र लाने की तैयारी कर रही है।

1500 करोड़ की आपदा राहत पर केंद्र को फिर पत्र

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हिमाचल के लिए आपदा राहत के दौरान की गई 1500 करोड़ रुपये की घोषणा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से इस राशि को पूरा करने के लिए पत्र लिखा गया है और जरूरत पड़ने पर दोबारा भी पत्र भेजा जाएगा।

उन्होंने कहा कि हिमाचल ने हाल के वर्षों में गंभीर प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है। ऐसे समय में केंद्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता प्रदेश के पुनर्निर्माण और प्रभावित क्षेत्रों को राहत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश भाजपा के नेता परवाणू से आगे नहीं जाते और केंद्र के समक्ष हिमाचल के हितों की मजबूती से पैरवी नहीं करते। उन्होंने भाजपा सांसदों की उपलब्धियों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि उनकी उपलब्धियां सोशल मीडिया तक ही दिखाई देती हैं।

एडीआर रिपोर्ट को लेकर भी सीएम का पलटवार

मुख्यमंत्री ने एडीआर रिपोर्ट को लेकर भाजपा की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ पुराने मामलों को नए तरीके से पेश किया जा रहा है।

सुक्खू ने कहा कि करीब 20 साल पहले खरीदे गए एक फ्लैट की कीमत लगभग 14 लाख रुपये थी, जिसे अब करीब दो करोड़ रुपये का बताकर पेश किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस तरह के मुद्दों के जरिए वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार पर आरोप लगाने वालों को पहले तथ्यों और दस्तावेजों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि सरकार भी अब इसी तरीके से जवाब देगी और आरोपों के बजाय रिकॉर्ड के आधार पर अपनी बात जनता के सामने रखेगी।

मंत्रिमंडल विस्तार पर हाईकमान से होगी चर्चा

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रारंभिक बैठक हो चुकी है। अब पार्टी हाईकमान से चर्चा के बाद मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन स्तर पर इस विषय पर चर्चा चल रही है और उचित समय पर फैसला लिया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान से प्रदेश की राजनीतिक हलचल के बीच मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं को फिर बल मिला है।

आईएएस कैडर और अधिकारियों की संख्या पर भी बोले सीएम

भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस अधिकारियों के कैडर को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों की संख्या एक निर्धारित सीमा में रहनी चाहिए। उन्होंने इस दृष्टिकोण को प्रदेश के व्यापक हित से जोड़ते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में लगातार रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं और विभिन्न पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।

पेपर लीक करने वालों को जेल भेजने की चेतावनी

सरकारी नौकरियों और भर्ती परीक्षाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार कड़े कदम उठा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में सफलता का प्रतिशत 80 फीसदी तक जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो भी पेपर लीक करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और उसे जेल भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब सरकारी भर्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ा मुद्दा बनी हुई है। सरकार का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

मौसम ने रोका प्रियंका गांधी का देउरी स्कूल दौरा, सितंबर में आने का दावा

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के देउरी स्कूल दौरे को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के कारण प्रियंका गांधी देउरी स्कूल नहीं पहुंच पाईं।

सुक्खू के अनुसार, प्रियंका गांधी बच्चों से मिलना चाहती थीं और उन्होंने सितंबर में मौसम खुलने के बाद दोबारा स्कूल जाने की इच्छा जताई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के दौरान प्रियंका गांधी ने स्कूल के पुनर्निर्माण को लेकर आश्वासन दिया था और अब वह दोबारा वहां पहुंचेंगी।

देउरी स्कूल को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा से प्रभावित इस संस्थान के पुनर्निर्माण का आश्वासन पहले ही दिया जा चुका है। ऐसे में सितंबर में प्रस्तावित दौरे को स्थानीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हिमाचल की राजनीति में अब श्वेत पत्र पर टिकी नजर

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के श्वेत पत्र लाने के एलान ने हिमाचल की राजनीति में आने वाले दिनों के लिए नया मुद्दा तैयार कर दिया है। भाजपा जहां सरकार के कामकाज और विभिन्न मामलों को लेकर लगातार सवाल उठाती रही है, वहीं अब सरकार पिछली व्यवस्था से जुड़े मामलों को तथ्यों और दस्तावेजों के साथ सामने रखने की तैयारी में है।

मुख्यमंत्री के बयान से साफ है कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में भ्रष्टाचार, आपदा राहत, भर्ती परीक्षाओं और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार प्रस्तावित श्वेत पत्र में किन मामलों और दस्तावेजों को सार्वजनिक करती है और भाजपा की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।